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May 30, 2026

मुख्यमंत्री धामी की पहल से पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण का सत्यापन करना हुआ आसान जानिए सभी समाचार

डिजिटल व्यवस्था से घर बैठे मिल रही सुविधा, बुजुर्गों को बड़ी राहत

पेंशनरों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की पहल, पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में जीवन प्रमाण पत्र पर विशेष प्रशिक्षण जारी

पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में डीएलसी के माध्यम से अब तक 1लाख 84 हज़ार से अधिक लोगो का हुआ सत्यापन

पेंशनरों को भा रही डिजिटल व्यवस्था, दून में 22 हजार से अधिक लाभार्थी

आईएफएमएस ऐप से घर बैठे आसानी से डाउनलोड करें पेंशन स्टेटमेंट्स

देहरादून 28.05.2026(सू.वि)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन अब पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पेंशनर अब घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापित कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1.5 लाख पेंशनर हैं, जबकि देहरादून में 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इन सभी के सत्यापन को सुगम बनाने के लिए “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पेंशनर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में भी डीएलसी के माध्यम से लगातार सत्यापन किया जा रहा है। यहां पेंशनरों को आधार अपग्रेडेशन के साथ-साथ डिजिटल प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2024 से अब तक इस केंद्र में 1 लाख 84 हजार से अधिक पेंशनरों का डिजिटल सत्यापन किया जा चुका है।

जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान ने देहरादून जनपद में कार्यभार संभालने के दिन ही कोषागार का निरीक्षण करते हुए अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि विरिष्ठ पेंशनरों को घर बैठे ही सुविधा का लाभ मिल सकें।

पेंशनर “जीवन प्रमाण” ऐप के माध्यम से ऑपरेटर आईडी बनाकर घर बैठे भी अपना सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार का अपडेट होना तथा आधार नंबर का मोबाइल नंबर और कोषागार से लिंक होना आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति (एक्टिव/इनएक्टिव) ऑनलाइन देख सकते हैं और पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं।

पेंशनरों की सहायता के लिए निदेशालय कोषागार द्वारा 8899890000 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जबकि अधिक जानकारी के लिए treas-fdc-uk@nic.in पर संपर्क किया जा सकता है।

इस डिजिटल पहल से बुजुर्ग पेंशनरों को लंबी कतारों से मुक्ति मिली है और वे सुरक्षित, सरल एवं सुविधाजनक तरीके से घर बैठे सत्यापन कर पा रहे हैं।

दून निवासी पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि उन्हें पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अब वे भविष्य में घर बैठे आसानी से अपना लाइफ सर्टिफिकेट नवीनीकरण कर सकेंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताया।

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने बताया कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार में पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल स्थापित किया गया है, जहां उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अन्य जनपदों के पेंशनर भी, जो वर्तमान में देहरादून में निवास कर रहे हैं, इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने पेंशनरों से अपील की कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आधार से प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय ऑपरेटर को ही अपनी जानकारी दें।
[30/05, 10:43 am] Painoli Uncle 2: प्रेस नोट

SIR अभियान को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, डीएम ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यो में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त,

सभी ईआरओ बूथवार बीएलए-2 नियुक्ति तत्काल सुनिश्चित करें,

बीएलओ और सुपरवाइजरों को दिया जाए व्यापक प्रशिक्षण- डीएम

08 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, मतदाता पुनरीक्षण अभियान होगा तेज,

देहरादून 29 मई,2026 (सू.वि),
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर पुनरीक्षण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने निर्देशित किया कि मतदाता सूची की मैपिंग गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ की जाए तथा सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाए। साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं के नाम अत्यंत सावधानीपूर्वक सूची से हटाए जाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर लें, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं सुपरवाइजरों को पुनरीक्षण कार्यों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाए तथा उनकी सभी शंकाओं का समाधान प्रशिक्षण के दौरान ही सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त संबंधित क्षेत्रों में पटवारियों के माध्यम से भी सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का बूथ लेवल पर पुनरीक्षण हेतु राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्ति बीएलए-2 की अहम भूमिका है। सभी ईआरओ अपने क्षेत्र में राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रत्येक बूथ हेतु बीएलए-2 अवश्य नियुक्त करवा लें। ताकि पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित व पारदर्शिता के साथ हो सके। मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सभी ईआरओ को अपने-अपने क्षेत्रों के बूथों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने पुनरीक्षण कार्यों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सितंबर माह में किया जाना है। इसके साथ ही निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु टेंडर प्रक्रिया की सूची तैयार कर समय पर समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 7 जून तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग एवं कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन करेंगे। इसी अवधि में नए पोलिंग बूथों को सम्मिलित करते हुए बूथों का अंतिम निर्धारण भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को मतदाता सूची के प्रथम ड्राफ्ट का प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 11 सितंबर तक उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।

जनपद देहरादून की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 13 लाख 80 हजार 800 मतदाता पंजीकृत हैं। प्री-एसआईआर अभियान के अंतर्गत 16 मई तक 11 लाख 1 हजार 437 मतदाताओं, अर्थात 80.38 प्रतिशत की मैपिंग पूर्ण की जा चुकी है, जबकि शेष 2 लाख 70 हजार 161 मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि 47923 अनुपस्थित, 145797 स्थानांतरित एवं 33008 मृत मतदाता हो गए है।

उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 1882 मतदेय स्थल हैं, जिनमें अब तक भारतीय जनता पार्टी द्वारा 1836, कांग्रेस द्वारा 1443 तथा सीपीआई द्वारा 378 बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं। अधिकृत बीएलए-2 अपने संबंधित मतदेय स्थलों पर बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची के परीक्षण, संशोधन एवं अन्य कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।

उप जिलाधिकारी ने बताया कि कोई भी नागरिक निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित ईसीआई-नेट के माध्यम से पंजीकरण एवं मतदाता पहचान पत्र संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एप पर उपलब्ध “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के माध्यम से संबंधित बीएलओ से भी संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त निर्वाचन कार्यालय के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों सहित पुनरीक्षण व्यवस्थाओं से जुड़े सभी नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।
[30/05, 10:43 am] Painoli Uncle 2: गंभीर बीमारियों में आयुष्मान की धनराशि बढ़ाने को मोर्चा ने तहसील में बोला धावा #5 लाख से बढाकर 15 -20 लाख करे राज्य सरकार| | #विधायकों/ मंत्रियों को आजीवन चिकित्सा सुविधा, आमजन को क्यों नहीं ! विकासनगर- जन संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में तहसील में प्रदर्शन/ घेराव कर गंभीर बीमारियों में राज्य सरकार अपने संसाधनों से आयुष्मान कवर की धनराशि 5 लाख से बढाकर 15- 20 लाख करने की मांग को लेकर मा. मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी, विकासनगर श्री विनोद कुमार को सौंपा | नेगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान व पूर्व विधायकों/मंत्रियों व उनके परिजनों को आजीवन चिकित्सा सुविधा( चिकित्सा प्रतिपूर्ति) की सुविधा उपलब्ध है यानी एक विधायक व उसके परिवार के सदस्यों की बीमारी पर चाहे लाखों रुपए खर्च हो जायें, उसका खर्चा सरकार वहन करेगी, लेकिन आमजन (नेताओं के भाग्य विधाता)के लिए सिर्फ पांच लाख रुपए आयुष्मान के तहत सुविधा है, जोकि गंभीर बीमारी में सिर्फ नाम मात्र का रह जाता है | नेगी ने दुर्भाग्य जताते हुए कहा कि जिस जनता ने इन विधायकों को चुना, ये सिर्फ और सिर्फ अपने ही बारे में सोचते हैं; लेकिन जनता के बारे में सोचने कि इनको फुर्सत नहीं | सरकार द्वारा आमजन यानी उसके पूरे परिवार के लिए 5 लख रुपए का बीमा कवर आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने की सुविधा है, लेकिन कैंसर, किडनी- हार्ट सर्जरी- लिवर ट्रांसप्लांट व अन्य गंभीर बीमारियों में ये आयुष्मान कार्ड सिर्फ और सिर्फ एक कागज का टुकड़ा रह जाता है | इन मंत्री/ विधायकों के भाग्य विधाता (आमजन)इन गंभीर बीमारियों में धनाभाव के चलते दम तोड़ देते हैं तथा कई के घर तक बिक जाते हैं, कर्ज में डूब जाते हैं तथा आत्महत्या कर लेते हैं, ऐसे में इनके बारे में कौन चिंता करेगा ! नेगी ने सरकार से मांग करी कि कम से कम गंभीर बीमारियों में आमजन को राज्य सरकार आयुष्मान कवर अपने संसाधनों से 5 लाख से बढाकर 15-20 लाख करे, जिससे आमजन को राहत मिल सके| घेराव/प्रदर्शन में – विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह, मोहम्मद आरिफ, हाजी असद,के.सी चंदेल, अध्यक्ष अमित जैन,अतुल हांडा, महिपाल रावत, नसीम,इस्लाम, आरपी भट्ट, अंकुर वर्मा, सरोज गांधी, गुरचरण सिंह, कुंवर सिंह चौहान, राहुल गोयल, ,वाहिद कुरैशी, निशा खातून, विनोद जैन, भीम सिंह बिष्ट, मुकेश पसबोला, विपिन भारद्वाज, संजय गुप्ता, विनय गुप्ता, सुशील भारद्वाज, प्रोविर दास, गौरव लोधा, मनीष नेगी, विनय सजवान,नाजिर, अश्वनी कुमार, सोनू, वहीद हसन, खुशनुदा, गुलाब सिंह बिष्ट, जगदीश रावत, विनोद रावत, सलीम खान , अकरम सलमानी, गयूर, गोविंद सिंह नेगी, परितोष सरकार, अंकुर चौरसिया, यूनुस, इमरान, जसकीरत सिंह, जितेंद्र पुंडीर, राघव भल्ला, पी.के.गोस्वामी, गजपाल रावत, शेर सिंह,सफीक पांडे, साहिल, भगत सिंह, नाजिर, जयपाल, दिनेश राणा, प्रवीण कुमार, शमशाद, इमरान, गुरचरण सिंह, समून, ऋषिपा, भूरा, समीम, गफूर, राजेश कुमार, जाबिर हसन, दिनेश गुप्ता, संजय पटेल, क्रिस्टीना, संध्या गुलरिया, राजेश्वरी व सुनील कुमार आदि मौजूद थे |
[30/05, 10:43 am] Painoli Uncle 2: मुख्यमंत्री धामी की पहल से पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण का सत्यापन करना हुआ आसान

डिजिटल व्यवस्था से घर बैठे मिल रही सुविधा, बुजुर्गों को बड़ी राहत

पेंशनरों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की पहल, पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में जीवन प्रमाण पत्र पर विशेष प्रशिक्षण जारी

पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में डीएलसी के माध्यम से अब तक 1लाख 84 हज़ार से अधिक लोगो का हुआ सत्यापन

पेंशनरों को भा रही डिजिटल व्यवस्था, दून में 22 हजार से अधिक लाभार्थी

आईएफएमएस ऐप से घर बैठे आसानी से डाउनलोड करें पेंशन स्टेटमेंट्स

देहरादून 28.05.2026(सू.वि)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन अब पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पेंशनर अब घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापित कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1.5 लाख पेंशनर हैं, जबकि देहरादून में 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इन सभी के सत्यापन को सुगम बनाने के लिए “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पेंशनर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में भी डीएलसी के माध्यम से लगातार सत्यापन किया जा रहा है। यहां पेंशनरों को आधार अपग्रेडेशन के साथ-साथ डिजिटल प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2024 से अब तक इस केंद्र में 1 लाख 84 हजार से अधिक पेंशनरों का डिजिटल सत्यापन किया जा चुका है।

जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान ने देहरादून जनपद में कार्यभार संभालने के दिन ही कोषागार का निरीक्षण करते हुए अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि विरिष्ठ पेंशनरों को घर बैठे ही सुविधा का लाभ मिल सकें।

पेंशनर “जीवन प्रमाण” ऐप के माध्यम से ऑपरेटर आईडी बनाकर घर बैठे भी अपना सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार का अपडेट होना तथा आधार नंबर का मोबाइल नंबर और कोषागार से लिंक होना आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति (एक्टिव/इनएक्टिव) ऑनलाइन देख सकते हैं और पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं।

पेंशनरों की सहायता के लिए निदेशालय कोषागार द्वारा 8899890000 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जबकि अधिक जानकारी के लिए treas-fdc-uk@nic.in पर संपर्क किया जा सकता है।

इस डिजिटल पहल से बुजुर्ग पेंशनरों को लंबी कतारों से मुक्ति मिली है और वे सुरक्षित, सरल एवं सुविधाजनक तरीके से घर बैठे सत्यापन कर पा रहे हैं।

दून निवासी पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि उन्हें पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अब वे भविष्य में घर बैठे आसानी से अपना लाइफ सर्टिफिकेट नवीनीकरण कर सकेंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताया।

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने बताया कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार में पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल स्थापित किया गया है, जहां उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अन्य जनपदों के पेंशनर भी, जो वर्तमान में देहरादून में निवास कर रहे हैं, इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने पेंशनरों से अपील की कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आधार से प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय ऑपरेटर को ही अपनी जानकारी दें।

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